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Tag Archives: Aarti

माँ दुर्गा का सुंदर चेहरा और जय माता दी devotional image

दुर्गा जी की आरती: दुःख-दारिद्र्य मिटाने वाली पावन स्तुति

सनातन धर्म में माँ भगवती जगदम्बा की आराधना हर घर में शक्ति, सुरक्षा और मंगल का संचार करती है। श्री अम्बे (दुर्गा) माता जी की आरती यानी ‘ॐ जय अम्बे गौरी’ भारतीय घरों और शक्तिपीठों में गाई जाने वाली सबसे लोकप्रिय और सिद्ध स्तुति है। चाहे नित्य संध्या वंदन हो, …

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Haridwar – Har Ki Pauri: Priests and devotees performing the Aarti of Goddess Ganga on the banks of the river.

श्री गंगा मैया की आरती: यम त्रास और पाप मिटाने वाली पावन स्तुति

श्री गंगा मैया की आरती भारतीय सनातन संस्कृति में केवल एक स्तुति नहीं, बल्कि मन, आत्मा और जीवन को पूरी तरह निर्मल कर देने वाली एक दिव्य पुकार है। जब भी हम गंगा घाटों पर जलते हुए दीपों और घंटियों की मधुर ध्वनि के बीच खड़े होते हैं, तो यह …

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तुलसी जी की आरती - घर के आंगन में पावन तुलसी चौरा और संध्या दीप

तुलसी जी की आरती: जय जय तुलसी माता का संपूर्ण अर्थ व पूजन महत्व

तुलसी जी की आरती का नियमित पाठ करना घर-आंगन में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Vibes), सुख-समृद्धि और मानसिक शांति लाने का सबसे सरल और मंगलकारी उपाय है। सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को केवल एक साधारण पौधा नहीं, बल्कि साक्षात माँ लक्ष्मी और भगवान श्री हरि विष्णु की परम प्रिय …

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ललिता माता की आरती - माँ ललिता त्रिपुर सुंदरी श्रीयंत्र पर विराजमान दिव्य रूप में

ललिता माता की आरती: श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी का सरल अर्थ

ललिता माता की आरती का पाठ करना जीवन के हर तरह के डर, नकारात्मक ऊर्जा और आंतरिक उलझनों को दूर करने का एक बहुत ही सुंदर और सरल उपाय है। सनातन धर्म में दस महाविद्याओं में प्रमुख स्थान रखने वाली देवी माँ ललिता को ‘त्रिपुर सुंदरी’ और ‘राजराजेश्वरी’ भी कहा …

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गायत्री माँ की आरती - माँ गायत्री हंस पर विराजमान पंचमुखी दिव्य रूप में

गायत्री माँ की आरती: जयति जय गायत्री माता का सरल अर्थ व महत्व

गायत्री माँ की आरती का नियमित पाठ करना हमारे अशांत मन को स्थिर करने और जीवन में सही फैसले लेने की समझ (सद्बुद्धि) पाने का सबसे सरल माध्यम है। सनातन संस्कृति में माँ गायत्री को ‘वेदमाता’ यानी ज्ञान, चेतना और सद्बुद्धि की जननी माना गया है। आज की भागदौड़ भरी …

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गोवर्धन जी की पूजा - भगवान श्री कृष्ण छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाए हुए

गोवर्धन जी की पूजा: अन्नकूट महात्म्य, आरती व कष्ट निवारण रहस्य

गोवर्धन जी की पूजा (आरती) सिर्फ कोई सामान्य पूजा-पाठ या रस्म नहीं है, बल्कि प्रकृति (Environment), गाय माता और हमारा पेट भरने वाले पहाड़ों को सच्चे दिल से धन्यवाद (Thank You) कहने का बहुत ही प्यारा त्योहार है। जब हम दिवाली मनाते हैं, तो उसके ठीक अगले दिन यह पावन पर्व …

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विष्णु भगवान की आरती - भगवान श्री हरि विष्णु चतुर्भुज रूप क्षीरसागर में शेषनाग शय्या पर

विष्णु भगवान की आरती: ॐ जय जगदीश हरे का संपूर्ण अर्थ व दर्शन

सनातन परंपरा में विष्णु भगवान की आरती केवल स्तुति गान नहीं, बल्कि क्षीरसागर में योगनिद्रा में लीन सृष्टि के परम आधार और पालनकर्ता श्री हरि के प्रति पूर्ण आत्मसमर्पण की यात्रा है। जगत् के नियामक और चराचर के रक्षक श्रीमन नारायण की यह स्तुति साधक के अंतर्मन में ज्ञान, वैराग्य और …

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ord Vishnu Aarti Om Jai Jagdish Hare Featured Banner

Om Jai Jagdish Hare: भगवान श्री विष्णु की आरती — जानें हर पंक्ति का दार्शनिक रहस्य और सही विधि

सनातन परंपरा में “ॐ जय जगदीश हरे” (Om Jai Jagdish Hare) एक ऐसी सार्वभौमिक और कालजयी स्तुति है, जो हर हिंदू घर, मंदिर और धार्मिक अनुष्ठान में गाई जाती है। सत्यनारायण व्रत कथा हो, गुरुवार पूजन हो या दैनिक संध्या वंदन, यह आरती समस्त सृष्टि के पालनहार भगवान श्री हरि …

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वैकुंठ लोक में एकादशी माता और भगवान श्री विष्णु की पावन Ekadashi Aarti के लिए दिव्य स्वरूप

ॐ जय एकादशी माता आरती (Ekadashi Aarti Lyrics): संपूर्ण पाठ, पौराणिक इतिहास, शब्दार्थ

सनातन धर्म में सभी व्रतों में सर्वश्रेष्ठ ‘एकादशी व्रत’ के समापन और पूजन के लिए “ॐ जय एकादशी माता” (Ekadashi Aarti) का गायन अनिवार्य माना जाता है। पद्म पुराण के अनुसार एकादशी कोई साधारण तिथि नहीं, बल्कि साक्षात भगवान श्री हरि विष्णु के शरीर से प्रकट हुई एक महाशक्ति हैं …

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ॐ जय लक्ष्मी माता: धन, ऐश्वर्य और सौभाग्य प्रदाता भगवती महालक्ष्मी का पावन स्वरूप।

Laxmi Ji Ki Aarti Hindi Lyrics: ॐ जय लक्ष्मी माता (कठिन शब्दों के अर्थ व सरल भावार्थ सहित)

सनातन धर्म में धन, ऐश्वर्य, सौभाग्य और सुख-समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां महालक्ष्मी की आराधना के लिए “ॐ जय लक्ष्मी माता” (Om Jai Laxmi Mata) सर्वोपरि और सबसे सिद्ध स्तुति मानी जाती है। विशेष रूप से दीपावली, शुक्रवार, वरलक्ष्मी व्रत और शरद पूर्णिमा के अवसर पर हर सनातनी घर व …

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