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Tag Archives: bhagwan ganesh

मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर की गणपति जी की मूर्ति की AI Restored Image

सिद्धिविनायक आरती: हर बाधा और संकट दूर करने वाली दिव्य स्तुति व पाठ

जीवन की सभी अड़चनों को दूर करने और अटके हुए कार्यों को पूरा करने के लिए सिद्धिविनायक आरती (Siddhivinayak) अत्यंत फलदायी और मंगलकारी मानी जाती है। मुंबई के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक श्री सिद्धिविनायक मंदिर (प्रभादेवी) में सदियों से गाई जा रही यह मूल पारंपरिक स्तुति अत्यंत जागृत मानी जाती है। …

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शेंदुर लाल चढ़ायो सिंदूरासुर वध प्रसंग में भगवान गणेश का सिंदूरी रूप

शेंदुर लाल चढ़ायो: संपूर्ण आरती पाठ, शब्दार्थ, भावार्थ व इतिहास

सनातन धर्म में किसी भी मांगलिक कार्य, अनुष्ठान या नित्य देव-पूजन का आरंभ प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश के पावन स्मरण से होता है। महाराष्ट्र के प्रसिद्ध गणेशोत्सव से लेकर देश भर के देवालयों में मुख्य आरती के बाद गाई जाने वाली शेंदुर लाल चढ़ायो  (Shendur Lal Chadhayo)(वंदना भक्तों के …

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Sukhkarta Dukhharta मराठी आरती divine image of Lord Ganesha in golden temple court

सुखकर्ता दुखहर्ता (Sukhkarta Dukhharta) मराठी आरती: संपूर्ण मूल पाठ, हिंदी अर्थ और भावार्थ

सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-अनुष्ठान या मांगलिक आयोजन की शुरुआत प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के नमन से होती है। जब गणेशोत्सव या दैनिक पूजन में सुखकर्ता दुखहर्ता (Sukhkarta Dukhharta) मराठी आरती का गायन होता है, तो पूरा वातावरण एक विशेष आध्यात्मिक शांति और दिव्यता से …

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श्री गणेश चालीसा - विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश दिव्य स्वरूप में

श्री गणेश चालीसा: संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ व विघ्न निवारण रहस्य

श्री गणेश चालीसा का नित्य पाठ करना हमारे जीवन की हर रुकावट, संकट और मानसिक अशांति को दूर करने का सबसे सरल और अचूक उपाय है। सनातन धर्म में भगवान श्री गणेश को ‘प्रथम पूज्य’ और ‘विघ्नहर्ता’ का सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। चाहे कोई नया काम शुरू करना हो, नया …

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bhagwan ganesh ji ki aarti

भगवान श्री गणेश जी की आरती – अर्थ सहित | Shri Ganesh Ji Ki Aarti

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ सरल भावार्थ: हे देवों के देव श्री गणेश जी, आपकी सदा ही जय-जयकार हो। आपकी माता साक्षात माता पार्वती हैं और आपके पिता देवाधिदेव महादेव शिव जी हैं। हम आपको बारंबार प्रणाम करते हैं। एक दंत दयावंत, चार …

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