गोवर्धन जी की पूजा: अन्नकूट महात्म्य, आरती व कष्ट निवारण रहस्य
गोवर्धन जी की पूजा (आरती) सिर्फ कोई सामान्य पूजा-पाठ या रस्म नहीं है, बल्कि प्रकृति (Environment), गाय माता और हमारा पेट
गोवर्धन जी की पूजा (आरती) सिर्फ कोई सामान्य पूजा-पाठ या रस्म नहीं है, बल्कि प्रकृति (Environment), गाय माता और हमारा पेट
सनातन परंपरा में विष्णु भगवान की आरती केवल स्तुति गान नहीं, बल्कि क्षीरसागर में योगनिद्रा में लीन सृष्टि के परम आधार
कलिकाल में जब भी भक्त और भगवान के अनन्य वात्सल्य की चर्चा होती है, राजस्थान के चूरू जिले में स्थित
सनातन परंपरा में “ॐ जय जगदीश हरे” (Om Jai Jagdish Hare) एक ऐसी सार्वभौमिक और कालजयी स्तुति है, जो हर
आरती क्या है, कब और क्यों की जाती है? सनातन धर्म में किसी भी पूजा, व्रत, अनुष्ठान या संध्या वंदन
सनातन धर्म में सभी व्रतों में सर्वश्रेष्ठ ‘एकादशी व्रत’ के समापन और पूजन के लिए “ॐ जय एकादशी माता” (Ekadashi
सनातन धर्म में धन, ऐश्वर्य, सौभाग्य और सुख-समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां महालक्ष्मी की आराधना के लिए “ॐ जय लक्ष्मी
संकटमोचन महाबली श्री हनुमान जी की स्तुति के लिए “आरती कीजै हनुमान लला की” (Aarti Kije Hanuman Lala Ki) सबसे
सनातन परंपरा में “आरती कुंजबिहारी की” (Aarti Kunj Bihari Ki) भगवान श्री कृष्ण के मनमोहक स्वरूप की सर्वाधिक गाई जाने
॥ राजा दशरथ कृत श्री शनि स्तोत्र: सटीक शब्दार्थ एवं भावार्थ सहित ॥ ज्योतिष और धर्मग्रंथों में भगवान शनिदेव के