॥ श्री खाटू श्याम जी की आरती: सटीक शब्दार्थ एवं भावार्थ सहित ॥ कलयुग के प्रत्यक्ष देव और ‘हारे का सहारा’ कहे जाने वाले भगवान श्री खाटू श्याम जी (बर्बरीक) Shri Khatu Shyam जी की आरती का पाठ करने से भक्तों के सभी कष्ट और संकट दूर होते हैं। अक्सर …
Read More »Shani Dev Ki Aarti: आरती की हर लाइन का असली मतलब जानकर हैरान रह जाएंगे! (श्री शनिदेव आरती भावार्थ)
॥ श्री शनिदेव जी की आरती: सटीक शब्दार्थ एवं भावार्थ सहित ॥ भगवान शनिदेव को नवग्रहों में न्यायधीश और कर्मफल दाता का स्थान प्राप्त है। अक्सर आरती गाते समय (Shani Dev Ki Aarti) कई प्राचीन और अवधी शब्दों का अर्थ स्पष्ट नहीं होता। यहाँ श्री शनिदेव जी की संपूर्ण आरती, …
Read More »झूलेलाल जी की आरती | Jhulelal Ji Ki Aarti | ॐ जय दूलह देवा
॥ झूलेलाल जी की आरती ॥ ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा। पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा ॥ तुहिंजे दर दे केई, सजण अचनि सवाली। दान वठन सभु दिलि, सां कोन दिठुभ खाली॥ ॐ जय दूलह देवा…॥ अंधड़नि खे दिनव, अखडियूँ – दुखियनि खे दारुं। पाए …
Read More »भगवान श्री गणेश जी की आरती – अर्थ सहित | Shri Ganesh Ji Ki Aarti
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ सरल भावार्थ: हे देवों के देव श्री गणेश जी, आपकी सदा ही जय-जयकार हो। आपकी माता साक्षात माता पार्वती हैं और आपके पिता देवाधिदेव महादेव शिव जी हैं। हम आपको बारंबार प्रणाम करते हैं। एक दंत दयावंत, चार …
Read More »शिव आरती का सरल हिंदी अर्थ: जानिए हर पंक्ति का असली राज
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव…॥ अर्थ: हे ओंकार स्वरूप भगवान शिव, आपकी जय हो। आप ही ब्रह्मा, विष्णु और सदाशिव के रूप में संपूर्ण जगत में व्याप्त हैं और अपने अर्द्धनारीश्वर रूप में माता पार्वती को धारण किए हुए …
Read More »