सुखकर्ता दुखहर्ता (Sukhkarta Dukhharta) मराठी आरती: संपूर्ण मूल पाठ, हिंदी अर्थ और भावार्थ
सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-अनुष्ठान या मांगलिक आयोजन की शुरुआत प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के
सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-अनुष्ठान या मांगलिक आयोजन की शुरुआत प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के
सनातन परंपरा में देवाधिदेव महादेव की आराधना मन के भय, अशांति और तीनों प्रकार के संतापों को मिटाने वाली मानी
सनातन धर्म में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की आराधना जीवन को मर्यादा, धैर्य और आत्मिक शांति से भर देती
सनातन लोक-परंपरा में शुक्रवार का दिन मन में शांति, धैर्य और संतोष भरने वाली देवी माँ संतोषी को समर्पित माना
सनातन परंपरा में जब भी परिवार में सुख-शांति, नए काम की शुरुआत या पूर्णिमा का पावन दिन आता है, तब
सरस्वती आरती सनातन परंपरा में ज्ञान, विद्या, बुद्धि, वाणी और ललित कलाओं की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की सबसे पावन
अम्बे तू है जगदम्बे काली सनातन परंपरा में माँ भगवती की गाई जाने वाली सबसे करुणामयी, शक्तिशाली और लोकप्रिय आरतियों
श्री कुबेर आरती भगवान कुबेर की कृपा पाने की सबसे सरल और असरदार स्तुति है। सनातन परंपरा में माना जाता
सनातन धर्म में माँ भगवती जगदम्बा की आराधना हर घर में शक्ति, सुरक्षा और मंगल का संचार करती है। श्री
श्री गंगा मैया की आरती भारतीय सनातन संस्कृति में केवल एक स्तुति नहीं, बल्कि मन, आत्मा और जीवन को पूरी
श्री गणेश चालीसा का नित्य पाठ करना हमारे जीवन की हर रुकावट, संकट और मानसिक अशांति को दूर करने का
तुलसी जी की आरती का नियमित पाठ करना घर-आंगन में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Vibes), सुख-समृद्धि और मानसिक शांति लाने का
ललिता माता की आरती का पाठ करना जीवन के हर तरह के डर, नकारात्मक ऊर्जा और आंतरिक उलझनों को दूर
गायत्री माँ की आरती का नियमित पाठ करना हमारे अशांत मन को स्थिर करने और जीवन में सही फैसले लेने